टेक डेस्कः रिलायंस जियो ने अपनी JioPC सेवा के साथ डिजिटल दुनिया में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जो ‘कंप्यूटर-एज-ए-सब्सक्रिप्शन’ मॉडल पर आधारित है। इसका लक्ष्य छात्रों और शिक्षण संस्थानों के लिए कंप्यूटिंग को अधिक सुलभ बनाना है। अब नया कंप्यूटर खरीदने की जरूरत नहीं, बल्कि मौजूदा लैपटॉप, Jio सेट-टॉप बॉक्स से जुड़े टीवी या किसी भी वेब ब्राउज़र के माध्यम से क्लाउड-आधारित कंप्यूटिंग वातावरण का उपयोग किया जा सकता है। यह सेवा संसाधनों, क्लाउड स्टोरेज और उत्पादकता उपकरणों तक पहुंचने का एक किफायती तरीका प्रदान करती है।
JioPC दो मुख्य कॉन्फ़िगरेशन में उपलब्ध है: एक 8GB RAM और 500GB स्टोरेज के साथ, और दूसरा JioPC Ultra, जिसमें 16GB RAM और 1TB स्टोरेज मिलती है। ग्राहक अपनी आवश्यकताओं के अनुसार विभिन्न सदस्यता अवधियों में से चुन सकते हैं। उदाहरण के लिए, मानक प्लान की कीमत दो महीनों के लिए मात्र 1,000 रुपये है, जो डिजिटल शिक्षा और कार्य के लिए एक बेहतरीन विकल्प है। JioHome ग्राहक अपने ब्रॉडबैंड बिल पर प्रति माह 100 रुपये की छूट का भी लाभ उठा सकते हैं।
यह क्लाउड-आधारित सेवा Ubuntu-आधारित Linux इंटरफ़ेस पर चलती है और इसमें LibreOffice जैसे आवश्यक उपकरण, साथ ही Microsoft 365 और Adobe Express जैसे ऑनलाइन एप्लिकेशन तक पहुंच के लिए वेब ब्राउज़र शामिल हैं। JioPC ऑनलाइन कक्षाओं, कोडिंग, डिज़ाइन, रिसर्च और जनरेटिव AI टूल जैसे विभिन्न शैक्षिक और उत्पादकता कार्यों का समर्थन करता है। डेटा सुरक्षा के लिए, यह एंटरप्राइज़-ग्रेड इन्फ्रास्ट्रक्चर और ज़ीरो ट्रस्ट सुरक्षा मॉडल का उपयोग करता है, यह सुनिश्चित करते हुए कि आपका डेटा क्लाउड में सुरक्षित रहे, डिवाइस पर नहीं।